मौत से प्यार
आज जिंदगी से ज्यादा
मौत से प्यार हो गया
समझे न हम जिसे
अब हर पल उसे याद किया
वही तो दिलरुबा है जो
साथ लेके जायेगी
जिंदगी तो आजमाती रही
शायद वो साथ निभाएगी
मिले नहीं कोई साथी जब
सबसे अच्छा साथ है वो
अपनायेगी वो अगर तो
साथ लेकर जायेगी
ले जायेगी हर परवाह
हर दर्द दुःख से दूर
करती जायेगी!!
इतनी अच्छी है
मौत तो
मुझसे भी दोस्ती निभाएगी
आज नहीं तो कल साथ लेके जायेगी।।।
मौत से प्यार हो गया
समझे न हम जिसे
अब हर पल उसे याद किया
वही तो दिलरुबा है जो
साथ लेके जायेगी
जिंदगी तो आजमाती रही
शायद वो साथ निभाएगी
मिले नहीं कोई साथी जब
सबसे अच्छा साथ है वो
अपनायेगी वो अगर तो
साथ लेकर जायेगी
ले जायेगी हर परवाह
हर दर्द दुःख से दूर
करती जायेगी!!
इतनी अच्छी है
मौत तो
मुझसे भी दोस्ती निभाएगी
आज नहीं तो कल साथ लेके जायेगी।।।
आशुतोष सेठ "साहिल"
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